दुनिया के सबसे बड़े अमीर अमेजन के सीईओ जेफ बेजोस अमेरिका के सबसे बड़े दानदाता भी बन गए हैं। 2018 में उन्होंने समाज की भलाई के कामों के लिए सबसे ज्यादा 14,200 करोड़ रुपए डोनेट किए। यूएस की क्रॉनिकल ऑफ फिलान्थ्रॉपी मैग्जीन ने उन 50 अमीरों की लिस्ट जारी की है जिन्होंने पिछले साल सबसे ज्यादा डोनेशन दी। इसमें बेजोस का पहला नंबर है।
बिल-मिलिंडा गेट्स की डोनेशन 97% घटी
50 सबसे बड़े दानदाताओं की लिस्ट में माइक्रोसॉफ्ट के फाउंडर बिल गेट्स और उनकी पत्नी मिलिंडा गेट्स 12वें नंबर पर फिसल गए। 2018 में उन्होंने 979.8 करोड़ रुपए दान में दिए। यह 2017 के मुकाबले 97% कम है। 2017 में वो पहले नंबर पर थे। उन्होंने 33,938 करोड़ रुपए की डोनेशन दी थी।
मार्क जकरबर्ग-प्रिसिला चान दूसरे से 7वें नंबर पर फिसले
फेसबुक के सीईओ मार्क जकरबर्ग और उनकी पत्नी प्रिसिला चान की डोनेशन में 89% कमी आई है। 2018 में उन्होंने 1,519.4 करोड़ रुपए की डोनेशन दी। वो दूसरे से 7वें नंबर पर फिसल गए हैं। 2017 में उन्होंने 14,200 करोड़ रुपए डोनेट किए थे।
लिस्ट में शामिल सभी 50 अमीरों ने 2018 में कुल 55,380 करोड़ दान में दिए। यह राशि 2017 के मुकाबले लगभग आधी है। उस साल 50 अमीरों ने 1.04 लाख करोड़ रुपए डोनेट किए थे।
जेफ बेजोस पहली बार इस लिस्ट में शामिल हुए हैं और पहली ही बार में नंबर-1 हो गए हैं। उन्होंने पिछले साल लॉन्च किए बेजोस डे-वन फंड के जरिए जरूरतमंदों की मदद की। इससे पहले सामाजिक कार्यों में पीछे रहने की वजह से बेजोस को काफी निंदा झेलनी पड़ी थी।
बेजोस की नेटवर्थ 9.65 लाख करोड़ रुपए
जेफ बेजोस लंबे समय से दुनिया के सबसे बड़े अमीर बने हुए हैं। उनकी नेटवर्थ 9.65 लाख करोड़ रुपए है।
डायरी में हर व्यक्ति का नाम नोट कर रहीं
प्रियंका नेताओं से खुशमिजाज तरीके से मिल रही हैं। उनके चेहरे पर कोई तनाव दिखने की बजाय मुस्कराहट रहती है। जिस भी नेता की बातचीत में प्रियंका को दम लग रहा है, उसका नाम वे अपनी पर्सनल डायरी में नोट कर रही हैं। वे संगठन और प्रत्याशी के बीच कांग्रेस को और मजबूत करने को लेकर चर्चा कर रही हैं।
सीटों पर सपा-बसपा की ताकत के बारे में चर्चा
प्रियंका से मुलाकात के बाद पूर्व सांसद अन्नू टंडन ने बताया कि प्रियंका जी का अंदाज बहुत ही अलग है। वे मीटिंग में मौजूद हर व्यक्ति-पदाधिकारी से डिटेल में बात कर रही हैं। उन्होंने हमसे मुलाकात में जाना कि उत्तर प्रदेश में पार्टी संगठन में अब तक क्या काम होता था और उसे करने का तरीका क्या था? जिला अध्यक्ष सूर्य नारायण यादव ने बताया कि हमसे सपा-बसपा के गठबंधन के बारे में पूछा गया। इसके बाद पूछा गया कि क्या हम गठबंधन से अलग रहकर चुनाव लड़ने की स्थिति में हैं? इस पर हमने कहा कि हम उन्नाव की सीट आपको हर हाल में जीतकर देंगे। इसके बाद पूर्व प्रदेश सचिव राज कुमार लोधी ने बताया कि बसपा उन्नाव में बिल्कुल मजबूत नहीं है।
हर बूथ मजबूत करने का संदेश
पूर्व सांसद अन्नू टंडन के मुताबिक, प्रियंका ने नेताओं से कहा है कि मुझे हर बूथ मजबूत करना है और हर बूथ जीतना है। यही वजह है कि वे नेताओं-कार्यकर्ताओं से उनसे बूथ के बारे में सवाल कर रही हैं।
एक-दूसरे की पोल खोलने में लगे रहे कांग्रेसी
प्रियंका के सामने कांग्रेस कार्यकर्ता एक-दूसरे की पोल खोलने में लगे रहे। एक जिला अध्यक्ष अपना बूथ नहीं बता पाए। प्रियंका के पूछने पर बगलें झांकने लगे। कई कार्यकर्ता भी अपना बूथ नहीं बता पाए। कई नेता इस सवाल का जवाब भी नहीं दे पाए कि कांग्रेस ने उनके जिले में आखिरी कार्यक्रम कब किया था।
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