चेतेश्वर पुजारा और कप्तान विराट कोहली के बीच तीसरे विकेट के लिए हुई 170 रनों की साझेदारी ने भारत को मलबर्न मैच में मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया. भारत ने सात विकेट के नुकसान पर 443 रन बनाकर अपनी पहली पारी घोषित की. मैच में भारत की पकड़ मजबूत है, लेकिन इसके बावजूद फैंस टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली से नाराज हैं. हुआ यूं कि 443 रन के स्कोर पर रवींद्र जडेजा के रूप में टीम इंडिया का सातवां विकेट गिरा.
जिसके बाद भारत के कप्तान विराट कोहली ने टीम इंडिया की पारी घोषित कर दी. उस वक्त रोहित शर्मा 63 रनों पर नाबाद थे और सभवत: उनके पास ऑस्ट्रेलिया की धरती पर अपने पहले टेस्ट शतक को पूरा करने का मौका था, लेकिन कप्तान विराट के इस फैसले से उनके हाथ से यह मौका फिसल गया. कुछ फैंस ने विराट कोहली को राहुल द्रविड़ की तरह भी बताया, जिन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ साल 2004 में खेले गए मुल्तान टेस्ट में उस समय पारी घोषित कर दी जब सचिन 194 रनों पर नाबाद थे
आपको बता दें कि भारत ने सात विकेट के नुकसान पर 443 रन बनाकर अपनी पहली पारी घोषित की. दिन का खेल समाप्त होने तक ऑस्ट्रेलिया ने बिना कोई विकेट खोए आठ रन बना लिए हैं. सलामी बल्लेबाज एरॉन फिंच (3 नाबाद) और मार्कस हैरिस (5 नाबाद) क्रीज पर मौजूद हैं. पुजारा और कोहली ने गुरुवार को पहले दिन के स्कोर दो विकेट पर 215 रनों से आगे खेलना शुरू किया और शानदार बल्लेबाजी करते हुए भारत के स्कोर को आसानी से 300 से करीब ले गए.
स्टार्क ने 293 के कुल योग पर कोहली (82) को आउट करके भारतीय टीम को पहला झटका दिया. कोहली, फिंच के हाथों लपके गए. कप्तान ने अपनी पारी में 204 गेंदों का सामना करते हुए नौ चौके लगाए. पुजारा भी ज्यादा देर तक क्रीज पर टिक नहीं पाए और पैट कमिंस ने उन्हें बोल्ड कर पवेलियन वापस भेजा. पुजारा ने 319 गेंदों का सामना करते हुए 10 चौके मारे. इसके बाद, अजिंक्य रहाणे (34) और रोहित शर्मा (नाबाद 63) ने भारतीय पारी को आगे बढ़ाया. रहाणे को बेहतरीन फॉर्म में चल रहे स्पिन गेंदबाज नाथन लियोन ने आउट किया.
छा गए विराट- शतक से चूके, लेकिन रिकॉर्ड्स का लगाया अंबार
रहाणे को पवेलियन वापस भेजने के बाद भी ऑस्ट्रेलिया की मुश्किलें कम नहीं हुईं. रोहित ने रहाणे के जाने के बाद विकेटकीपर ऋषभ पंत के साथ छठे विकेट के लिए 76 रन जोड़े और भारत के स्कोर को 400 के पार ले गए. पंत को 39 के निजी स्कोर पर स्टार्क ने आउट किया. हरफनमौला खिलाड़ी रवींद्र जड़ेजा बल्ले से कुछ खास प्रभाव नहीं डाल पाए. उन्हें चार के निजी स्कोर पर जोश हेजलवुड ने अपना शिकार बनाया.
Thursday, December 27, 2018
Monday, December 17, 2018
पोती सारा की फिल्म देखकर शर्मिला टैगोर ने अमृता को भेजा ये मैसेज
सारा अली खान की फिल्म "केदारनाथ" फैंस और सेलेब्स को पसंद आई है. फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर भी बेहतर प्रदर्शन किया है. लेकिन सारा के लिए सबसे खास है उनकी दादी शर्मिला टैगोर की तरफ से मिला रिस्पॉन्स.
सारा ने एक इंटरव्यू में बताया, "मेरी दादी ने केदारनाथ देखने के बाद मां अमृता सिंह को मैसेज किया. दादी को सभी जानने वालों के फोन कॉल और मैसेज आ रहे हैं. मेरे काम की तारीफ सुनकर वो बहुत खुश हैं. उन्हें मुझ पर गर्व है. लेकिन सबसे खास है कि उन्होंने मां को मैसेज किया. मेरी वजह से परिवार 30 सेकेंड के लिए साथ, वो भी ऐसे हालात में... ये सबसे बड़ी बात है."
करीना-सैफ संग केपटाउन में हॉलीडे एंजॉय कर रहे तैमूर
सारा के काम की तारीफ उनके पापा सैफ अली खान भी कर रहे हैं. सैफ का मानना है, "सारा ने मुझसे कहीं बेहतर डेब्यू किया है. उसका आत्मविश्वास देखकर मैं सरप्राइज हूं. उसने पहली बार में शानदार काम किया है. बता दें सारा अली खान की फिल्म देखने के बाद करीना कपूर ने भी पार्टी देने का प्लान किया है."
कैसे शख्स को डेट करना चाहेंगी सारा अली खान? बताई ये खूबियां
फिल्म की कमाई दो हफ्ते में 50 करोड़ से ज्यादा का आंकड़ा पार कर चुकी है. इस सफलता पर सारा के अपोजिट लीड हीरो, सुशांत सिंह राजपूत ने कहा, "मैं फिल्म के लिए दर्शकों से मिली प्रतिक्रिया से वाकई खुश हूं. जब एक अभिनेता के काम की सराहना की जाती है तो यह अच्छा लगता है. क्योंकि इससे ही उसे प्रोत्साहन मिलता है."
उन्होंने कहा, "फिल्म में हमने जिस तरह हर बारीकी को दिखाया है, वे उससे जुड़ाव महसूस कर रहे हैं और इसकी प्रशंसा कर रहे हैं. एक अभिनेता या फिल्म निर्माता के रूप में हम चाहते हैं कि हम जो भी कहना चाहते हैं वह बिना किसी रुकावट के दर्शकों तक पहुंचे."
दोषी ठहराए गए सज्जन कुमार को 31 दिसंबर तक आत्मसमर्पण करना होगा. इस केस में सज्जन कुमार के अलावा बलवान खोखर, कैप्टन भागमल और गिरधारी लाल को दी गई उम्रकैद की सजा बरकरार रखी गई है. वहीं, पूर्व विधायक महेंद्र यादव और किशन खोखर की सजा बढ़ाते हुए 10-10 साल की जेल की सजा सुनाई गई है. जबकि लोवर कोर्ट ने महेंद्र और किशन को 3-3 साल की सजा दी थी.
आजतक के खास कार्यक्रम 'एजेंडा आजतक 2018' का आज दूसरा दिन है. दूसरे दिन की शुरुआत केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के साथ हुई. '2019 का रोड मैप' सेशन का संचालन रोहित सरदाना ने किया. इस सत्र में नितिन गडकरी ने राम मंदिर के मुद्दे पर भी खुल कर बात की.
नितिन गडकरी ने कहा कि अयोध्या का मुद्दा धर्म का नहीं है, ये जनभावनाओं से जुड़ा है. अगर राम के जन्मस्थान पर मंदिर नहीं बनेगा तो किधर बनेगा. ये भारतीय जनता पार्टी के एजेंडे में पहले भी था और आज भी है. उन्होंने कहा कि मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में है लेकिन अभी भी आपसी बातचीत से मुद्दा सुलझ सकता है.
पूर्व बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि हमने जो पालमपुर की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में वादा किया था उसी पर आज ही कायम हैं. लेकिन हम कोर्ट में हैं. गडकरी ने कहा कि राम मंदिर बनाने के तीन रास्ते हैं. पहला सुप्रीम कोर्ट के फैसले से, दूसरा आपसी बातचीत से और तीसरा संसद में कानून लाने से.
सारा ने एक इंटरव्यू में बताया, "मेरी दादी ने केदारनाथ देखने के बाद मां अमृता सिंह को मैसेज किया. दादी को सभी जानने वालों के फोन कॉल और मैसेज आ रहे हैं. मेरे काम की तारीफ सुनकर वो बहुत खुश हैं. उन्हें मुझ पर गर्व है. लेकिन सबसे खास है कि उन्होंने मां को मैसेज किया. मेरी वजह से परिवार 30 सेकेंड के लिए साथ, वो भी ऐसे हालात में... ये सबसे बड़ी बात है."
करीना-सैफ संग केपटाउन में हॉलीडे एंजॉय कर रहे तैमूर
सारा के काम की तारीफ उनके पापा सैफ अली खान भी कर रहे हैं. सैफ का मानना है, "सारा ने मुझसे कहीं बेहतर डेब्यू किया है. उसका आत्मविश्वास देखकर मैं सरप्राइज हूं. उसने पहली बार में शानदार काम किया है. बता दें सारा अली खान की फिल्म देखने के बाद करीना कपूर ने भी पार्टी देने का प्लान किया है."
कैसे शख्स को डेट करना चाहेंगी सारा अली खान? बताई ये खूबियां
फिल्म की कमाई दो हफ्ते में 50 करोड़ से ज्यादा का आंकड़ा पार कर चुकी है. इस सफलता पर सारा के अपोजिट लीड हीरो, सुशांत सिंह राजपूत ने कहा, "मैं फिल्म के लिए दर्शकों से मिली प्रतिक्रिया से वाकई खुश हूं. जब एक अभिनेता के काम की सराहना की जाती है तो यह अच्छा लगता है. क्योंकि इससे ही उसे प्रोत्साहन मिलता है."
उन्होंने कहा, "फिल्म में हमने जिस तरह हर बारीकी को दिखाया है, वे उससे जुड़ाव महसूस कर रहे हैं और इसकी प्रशंसा कर रहे हैं. एक अभिनेता या फिल्म निर्माता के रूप में हम चाहते हैं कि हम जो भी कहना चाहते हैं वह बिना किसी रुकावट के दर्शकों तक पहुंचे."
दोषी ठहराए गए सज्जन कुमार को 31 दिसंबर तक आत्मसमर्पण करना होगा. इस केस में सज्जन कुमार के अलावा बलवान खोखर, कैप्टन भागमल और गिरधारी लाल को दी गई उम्रकैद की सजा बरकरार रखी गई है. वहीं, पूर्व विधायक महेंद्र यादव और किशन खोखर की सजा बढ़ाते हुए 10-10 साल की जेल की सजा सुनाई गई है. जबकि लोवर कोर्ट ने महेंद्र और किशन को 3-3 साल की सजा दी थी.
आजतक के खास कार्यक्रम 'एजेंडा आजतक 2018' का आज दूसरा दिन है. दूसरे दिन की शुरुआत केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के साथ हुई. '2019 का रोड मैप' सेशन का संचालन रोहित सरदाना ने किया. इस सत्र में नितिन गडकरी ने राम मंदिर के मुद्दे पर भी खुल कर बात की.
नितिन गडकरी ने कहा कि अयोध्या का मुद्दा धर्म का नहीं है, ये जनभावनाओं से जुड़ा है. अगर राम के जन्मस्थान पर मंदिर नहीं बनेगा तो किधर बनेगा. ये भारतीय जनता पार्टी के एजेंडे में पहले भी था और आज भी है. उन्होंने कहा कि मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में है लेकिन अभी भी आपसी बातचीत से मुद्दा सुलझ सकता है.
पूर्व बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि हमने जो पालमपुर की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में वादा किया था उसी पर आज ही कायम हैं. लेकिन हम कोर्ट में हैं. गडकरी ने कहा कि राम मंदिर बनाने के तीन रास्ते हैं. पहला सुप्रीम कोर्ट के फैसले से, दूसरा आपसी बातचीत से और तीसरा संसद में कानून लाने से.
Friday, December 14, 2018
इस बिग बॉस कंटेस्टेंट से शो के बाद नहीं मिलेंगी दीपिका कक्कड़
बिग बॉस फिनाले से दो हफ्ते दूर है. गुरुवार को शो में घरवालों को अहम टास्क दिया गया. जिसके तहत दीपक ठाकुर और दीपिका कक्कड़ को तीखे सवालों का जवाब देना था. इस दौरान जब दीपिका से पूछा गया कि वे किस बिग बॉस कंटेस्टेंट को शो के बाद बिल्कुल नहीं मिलेंगी, उन्होंने रोमिल चौधरी का नाम लिया.
दीपिका का मानना है कि रोमिल शो जीतने के लिए कुछ भी कर सकते हैं. एक्ट्रेस ने कहा, ''एक बार रोमिल ने मुझसे कहा था कि मैं यहां अपना नाम बनाने आया हूं. अब चाहे वो अच्छा करके हो या बुरा. मुझे इससे फर्क नहीं पड़ता. रोमिल का ये बयान मेरे जहन में आज भी है. मैं किसी ऐसे इंसान से ताल्लुक नहीं रखना चाहूंगी, जो जीतने के लिए कुछ भी करे.'' वे रोमिल को कहती हैं कि प्लीज आप मेरा नंबर बिल्कुल मत मांगना.
गुरुवार के शो में दीपक और दीपिका ने कई कंटेस्टेंट को आईना दिखाया. कौन कंटेस्टेंट फिनाले में जाने के लायक नहीं हैं? जवाब में दीपक ने श्रीसंत, सुरभि और रोहित का नाम लिया. वहीं दीपिका ने रोमिल, सोमी करणवीर. इस टास्क को दीपिका की रेड टीम ने जीता. टास्क के दौरान रोमिल-श्रीसंत, दीपक-श्रीसंत और करणवीर-श्रीसंत के बीच लड़ाई भी होती है.
श्रीसंत फैमिली वीक के बाद से एग्रेसिव हो गए हैं. गुरुवार के शो में उन्हें बार-बार दूसरों से पंगा लेते हुए देखा गया. मालूम हो कि इस हफ्ते घर से बाहर होने के लिए तीन कंटेस्टेंट नॉमिनेट हुए हैं. इनमें करणवीर बोहरा, रोहित सुचांती और सोमी खान शामिल हैं. इस वीकेंड के वार में शाहरुख खान अपनी फिल्म जीरो का प्रमोशन करने पहुंचेंगे.
बृजेन्द्र ने दूरदर्शन के लिए मर्डर मिस्ट्री फिल्म सिर्फ चार दिन बनाई थी. उन्होंने 2010 में भारत की पहली साइलेंट कॉमेडी गुटर गू को प्रोड्यूस किया था.
अनुपम खेर ने छोड़ा था पद
बता दें, FTII के पूर्व विवादित चेयरमैन गजेंद्र चौहान के हटाए जाने के बाद अनुपम खेर की नियुक्ति की गई थी. लेकिन खेर ने कार्यकाल पूरा होने से पहले ही पद से इस्तीफा दे दिया था. उन्होंने इस्तीफे की वजह बिजी शेड्यूल और इंटरनेशनल प्रोजेक्ट्स को बताया. खेर को अक्टूबर 2017 में एफटीआईआई का चेयरमैन बनाया गया था. पद छोड़ते वक्त खेर का कहना था कि ''मेरे पास एफटीआईआई को देने के लिए बहुत अधिक समय नहीं है. इसलिए मैंने इस्तीफा देने का फैसला लिया.''
दीपिका का मानना है कि रोमिल शो जीतने के लिए कुछ भी कर सकते हैं. एक्ट्रेस ने कहा, ''एक बार रोमिल ने मुझसे कहा था कि मैं यहां अपना नाम बनाने आया हूं. अब चाहे वो अच्छा करके हो या बुरा. मुझे इससे फर्क नहीं पड़ता. रोमिल का ये बयान मेरे जहन में आज भी है. मैं किसी ऐसे इंसान से ताल्लुक नहीं रखना चाहूंगी, जो जीतने के लिए कुछ भी करे.'' वे रोमिल को कहती हैं कि प्लीज आप मेरा नंबर बिल्कुल मत मांगना.
गुरुवार के शो में दीपक और दीपिका ने कई कंटेस्टेंट को आईना दिखाया. कौन कंटेस्टेंट फिनाले में जाने के लायक नहीं हैं? जवाब में दीपक ने श्रीसंत, सुरभि और रोहित का नाम लिया. वहीं दीपिका ने रोमिल, सोमी करणवीर. इस टास्क को दीपिका की रेड टीम ने जीता. टास्क के दौरान रोमिल-श्रीसंत, दीपक-श्रीसंत और करणवीर-श्रीसंत के बीच लड़ाई भी होती है.
श्रीसंत फैमिली वीक के बाद से एग्रेसिव हो गए हैं. गुरुवार के शो में उन्हें बार-बार दूसरों से पंगा लेते हुए देखा गया. मालूम हो कि इस हफ्ते घर से बाहर होने के लिए तीन कंटेस्टेंट नॉमिनेट हुए हैं. इनमें करणवीर बोहरा, रोहित सुचांती और सोमी खान शामिल हैं. इस वीकेंड के वार में शाहरुख खान अपनी फिल्म जीरो का प्रमोशन करने पहुंचेंगे.
बृजेन्द्र ने दूरदर्शन के लिए मर्डर मिस्ट्री फिल्म सिर्फ चार दिन बनाई थी. उन्होंने 2010 में भारत की पहली साइलेंट कॉमेडी गुटर गू को प्रोड्यूस किया था.
अनुपम खेर ने छोड़ा था पद
बता दें, FTII के पूर्व विवादित चेयरमैन गजेंद्र चौहान के हटाए जाने के बाद अनुपम खेर की नियुक्ति की गई थी. लेकिन खेर ने कार्यकाल पूरा होने से पहले ही पद से इस्तीफा दे दिया था. उन्होंने इस्तीफे की वजह बिजी शेड्यूल और इंटरनेशनल प्रोजेक्ट्स को बताया. खेर को अक्टूबर 2017 में एफटीआईआई का चेयरमैन बनाया गया था. पद छोड़ते वक्त खेर का कहना था कि ''मेरे पास एफटीआईआई को देने के लिए बहुत अधिक समय नहीं है. इसलिए मैंने इस्तीफा देने का फैसला लिया.''
Monday, December 10, 2018
रुझानों में कांग्रेस को बहुमत, हर 5 साल में सरकार बदलने का ट्रेंड जारी रहने के आसार
राजस्थान विधानसभा की 199 सीटों पर मतगणना जारी है। शुरुआती रुझानों में कांग्रेस 91 और भाजपा 86 सीटों पर आगे चल रही है। अन्य को 22 सीटें मिलती दिखाई दे रही हैं।
अपडेट्स
झालरापाटन में 5 राउंड की गितनी के बाद वसुंधरा राजे 11,000 वोटों से आगे
सचिन पायलट 9 राउंड की गिनती के बाद 26,600 वोटों से आगे।
नाथद्वारा सीट पर 4 राउंड की गिनती के बाद कांग्रेस के सीपी जोशी 445 वोटों से आगे।
पहले राउंड की गिनती के बाद उदयपुर से गिरिजा व्यास 450 वोटों से गुलाबचंद कटारिया से आगे।
सरदारपुरा से अशोक गहलोत आगे।
इस बार राजस्थान विधानसभा चुनाव के रिजल्ट तय करेंगे कि मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे भाजपा को लगातार दूसरे चुनाव में जीत दिला पाती हैं या राज्य में हर पांच साल में सरकार बदलने का 25 साल का सिलसिला बरकरार रहता है। राज्य में इस बार कांग्रेस की तरफ से सचिन पायलट और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सीएम कैंडिडेट माने जा रहे हैं। दोनों ही इस बार चुनाव मैदान में थे। इनके अलावा कांग्रेस से रमेश डूडी के नाम की भी चर्चा है।
राजस्थान की 199 सीटों पर इस बार 74.08% मतदान हुआ था। राज्य में पिछली बार (75.67%) से 1.52% कम वोटिंग हुई। राज्य के 7 एग्जिट पोल्स में कांग्रेस को आगे दिखाया गया था। सिर्फ एक एग्जिट पोल में भाजपा के आगे रहने का अनुमान लगाया गया था।
25 साल से ट्रेंड : हर चुनाव में बदलती है सरकार
1993 : भाजपा ने 38.60% और 95 सीटें लेकर सत्ता में वापसी की। कांग्रेस को 76 सीटें मिलीं।
1998 : कांग्रेस ने 44.95% वोट लिए। 153 सीटें जीतकर सरकार बनाई। भाजपा को 120 सीटें मिलीं।
2003 : भाजपा ने 39.20% वोट लेकर कांग्रेस को सत्ता से निकाला। भाजपा को 120, कांग्रेस को 56 सीटें मिलीं।
2008 : कांग्रेस ने 36.82% वोट लिए और 96 सीटें जीतकर सरकार बनाई। भाजपा को 78 सीटें मिलीं।
2013 : मोदी लहर में भाजपा ने 46.05% वोट और 163 सीटें लेकर कांग्रेस को 21 सीटों पर समेटा।
66 साल में 14 चुनाव हुए; 13 मुख्यमंत्री बने
इससे पहले राजस्थान में 66 साल में 14 विधानसभा चुनाव हुए थे। सबसे ज्यादा 4 बार मोहन लाल सुखाड़िया और तीन बार भैरोंसिंह शेखावत सीएम रहे थे। सुखाड़िया करीब 16 साल 5 महीने और शेखावत 10 साल 4 महीने सीएम रहे, इन दोनों ने राज्य में करीब 44% समय तक शासन किया।
अपडेट्स
झालरापाटन में 5 राउंड की गितनी के बाद वसुंधरा राजे 11,000 वोटों से आगे
सचिन पायलट 9 राउंड की गिनती के बाद 26,600 वोटों से आगे।
नाथद्वारा सीट पर 4 राउंड की गिनती के बाद कांग्रेस के सीपी जोशी 445 वोटों से आगे।
पहले राउंड की गिनती के बाद उदयपुर से गिरिजा व्यास 450 वोटों से गुलाबचंद कटारिया से आगे।
सरदारपुरा से अशोक गहलोत आगे।
इस बार राजस्थान विधानसभा चुनाव के रिजल्ट तय करेंगे कि मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे भाजपा को लगातार दूसरे चुनाव में जीत दिला पाती हैं या राज्य में हर पांच साल में सरकार बदलने का 25 साल का सिलसिला बरकरार रहता है। राज्य में इस बार कांग्रेस की तरफ से सचिन पायलट और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सीएम कैंडिडेट माने जा रहे हैं। दोनों ही इस बार चुनाव मैदान में थे। इनके अलावा कांग्रेस से रमेश डूडी के नाम की भी चर्चा है।
राजस्थान की 199 सीटों पर इस बार 74.08% मतदान हुआ था। राज्य में पिछली बार (75.67%) से 1.52% कम वोटिंग हुई। राज्य के 7 एग्जिट पोल्स में कांग्रेस को आगे दिखाया गया था। सिर्फ एक एग्जिट पोल में भाजपा के आगे रहने का अनुमान लगाया गया था।
25 साल से ट्रेंड : हर चुनाव में बदलती है सरकार
1993 : भाजपा ने 38.60% और 95 सीटें लेकर सत्ता में वापसी की। कांग्रेस को 76 सीटें मिलीं।
1998 : कांग्रेस ने 44.95% वोट लिए। 153 सीटें जीतकर सरकार बनाई। भाजपा को 120 सीटें मिलीं।
2003 : भाजपा ने 39.20% वोट लेकर कांग्रेस को सत्ता से निकाला। भाजपा को 120, कांग्रेस को 56 सीटें मिलीं।
2008 : कांग्रेस ने 36.82% वोट लिए और 96 सीटें जीतकर सरकार बनाई। भाजपा को 78 सीटें मिलीं।
2013 : मोदी लहर में भाजपा ने 46.05% वोट और 163 सीटें लेकर कांग्रेस को 21 सीटों पर समेटा।
66 साल में 14 चुनाव हुए; 13 मुख्यमंत्री बने
इससे पहले राजस्थान में 66 साल में 14 विधानसभा चुनाव हुए थे। सबसे ज्यादा 4 बार मोहन लाल सुखाड़िया और तीन बार भैरोंसिंह शेखावत सीएम रहे थे। सुखाड़िया करीब 16 साल 5 महीने और शेखावत 10 साल 4 महीने सीएम रहे, इन दोनों ने राज्य में करीब 44% समय तक शासन किया।
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